हमसे तो नै हो पाएगा भईया, तुम्हीं जला लो अपने अन्दर के रावण को।

राम रहीम,आशाराम,फलहारी बाबा को पूजों जो स्त्रियों को अपनी गुफाओं में ले जाकर मर्यादा लांघते है। और सालों अपनी अशोक वाटिका में सीता को सुरक्षित रखने वाले रावण को जलाओं अपनी बहन के अपमान का प्रतिशोध लेने वाले का तिरस्कार करों और धोबी की बातों से उत्पन्न संशय के लिए गर्भवती पत्नी को छोड़ने वाले को मर्यादा पुरषोतम बताओं। बेटियों पर लाठी-डंडे बरसाओ, कोई सवाल करें तो रंडी बताओं।जला तेजाब से उनके चहरे अपनी भड़ास मिटाओं। वाह रे रामवालों। 

No comments