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खुद से प्यार करना भी है बेहद ज़रूरी…

खुद को प्यार करना हमारे जीवन की संजीवनी है। इसके बाद ही आप खुले दिल से किसी और को प्यार करने में सक्षम हो पाएंगी। हम दूसरों से तो आसानी से प्यार कर लेते हैं लेकिन शीशे के सामने खड़े होने पर जो चेहरा हमारी ओर ताकता है उसे प्यार करना आसान नहीं। हम यह भी जानते हैं कि हमें खुद से मोहब्बत करनी चाहिए लेकिन अक़्सर हम ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाते




कई लोग होते हैं जो खुद को बिल्कुल बेकार समझते हैं। उन्हें यही लगता है कि उनसे कुछ नहीं हो पाएगा। कुछ गलत हो जाए तो वो खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनके मन में खुद के लिए इतनी नकारात्मकता इसलिए है, क्योंकि वो खुद से प्यार नहीं करते हैं।

खुद से प्यार कैसे करें और कितना ज़रूरी है बता रहे हैं रेकी ग्रांड मास्टर कैलाश रोहिडा। मुझसे लोग प्यार नहीं करते, क्योंकि मैं सुंदर नहीं दिखते, मेरा रंग काला है... इस तरह की बातों से हमेशा खुद को कम आंकना या हर समय अपनी आलोचना करना बताता है कि आप स्वयं को प्यार नहीं करते इस तरह की आलोचना करके आप अपनी कमी को ही उजागर नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने मनोबल को कमजोर कर रही हैं और अपनी सोच में नकारात्मकता को बढ़ावा दे रहे हैं

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दिल्ली बदली अब देश बदलो लेकिन थोड़ा तरीका भी बदलो !

'आप' के लिए समय आ गया है कि केजरीवाल अब सीएम की कुर्सी मनीष सिसोदिया को सौंप कर केंद्र की राजनीति का रुख करें। देश की जनता के हित में काम करने का विचार रखने वाले मुख्यमंत्रियों के साथ मिलकर देश के विकास और उन्नति की नई परिभाषा तय करें।


बाक़ी गैर भाजपा शासित राज्य जो दिल्ली की तरह शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी लोककल्याणकारी नीतियों को लागू अपने नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना चाहते हैं। इसके लिए सबसे ज़रूरी शर्त सरकारों द्वारा किये जाने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाना है। उसके बादसरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर काबू पानाऔर उसके बाद उन्हें सर्वप्रथम अपने राज्य की जनता को मूलभूत सुविधाएँ मुहैया कराने की ऐसी नीतियाँ बनानी चाहिए जो उनके राजस्व के अनुकूल हों और जिन्हें सही मायनों में जनता को डिलेवर किया जा सके।


क्योंकि अरविंद केजरीवाल की सरकार का राजस्व मुफ्त बिजली-पानी देकर भी सरप्लस में रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया कहा गया है कि वर्ष 2013-14 से लेकर 2017-18 तक दिल्ली सरकार का राजस्व सरप्लस में रहा ह…

क्या थीं इन अपराधियों की अंतिम इच्छा, यहाँ पढ़ें!

भारत सहित दुनिया के कई देशों में फांसी की सज़ा का प्रावधान आज भी मौजूद है। हालाँकि भारत में फांसी की सज़ा'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' अपराध की श्रेणी में आने वाले अपराधियों को ही दी जाती है। इस कठोर सज़ा के एक बार पक्के हो जाने के बाद ऐसी कई प्रक्रियाएँ होती हैं जिनसे जेल मेन्युअल के तहत हर मुज़रिम को गुज़ारना पड़ता है। ऐसी ही एक ख़ास प्रक्रिया होती है मुज़रिम की अंतिम इच्छा जानने की। जिसे जेल मेन्युअल के तहत मानवीय आधार पर हर मरने वाले से पूछा जाता है और फिर अधिकारी उस पर निर्णय लेते हैं कि क्या अपराधी की अंतिम इच्छा को पूरा किया जा सकता है या नहीं?


ऐसे में जब साल2020की शुरुआत में निर्भया के चार दोषियों को एक साथ फांसी की सज़ा दी जाने वाली है तो ये प्रक्रिया उनके साथ भी अपनाई जाएगी। हालाँकि अभीतक निर्भया के दोषियों से जुड़ी इस प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी मीडिया में नहीं आयी है। लेकिन इसी बीच दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मृत्युदंड कुछ मुजरिमों ने अपनी कौन-सी ख्वाहिश अंतिम इच्छा के तौर पर ज़ाहिर की थी आइये उनके बारे में जानें।
माइकल नेय- नेपोलियन की सेना के इस बहादुर कमांडर ने अपनी मौत से पह…

टुसूपर्व- टुसूमनी के त्याग और बलिदान की कहानी

भारत के अधिकांश राज्यों में खेतों में तैयार हुई नई फ़सल और सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने की ज्योतिषीय घटना, जिसे सूर्य का जन्मदिन भी कहा जाता है। जब अधिकांश भारतीय लोग खुशियों के साथ मकर सक्रांति का पावन त्योहार मनाते हैं तब, आदिवासी बहुल जंगलों, पहाड़ों और नदियों के राज्य झारखंड के ग्रामीण,आदिवासी अपनी बेटी टुसूमनी के बलिदान की याद में राज्य का पारंपरिक त्योहार टुसू मनाते हैं।
टुसूमनी की कहानी सीता की अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सीता ने जहाँ स्वयं को पवित्र सिद्ध करने के लिए स्वयं को धरती में समा लिया था वहीं टुसूमनी ने भी अपनी पवित्रता सिद्ध करने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये थे।   

मूलतः टुसू का पर्व झारखंड के अलावा ओडिशा, बंगाल और असमराज्य के भी कई क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया जाता है। बंगाल के पुरूलिया, बांकुड़ा, मिदनापुर आदि में लोग इस त्योहार का मज़ा लेते देखे जा सकते हैं। वहीं ओडिशा के मयूरभंज, क्यौझर और सुंदरगढ़जिला में भी टुसू पर्व की अच्छी-खासी रौनक देखने को मिलती है। झारखंड में तो इस पर्व के दिन सरकारी छुट्टी भी होती है और शहरों से लेकर गांवों कस्बों में छ…