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वोडाफ़ोन की इस पहल को दिल से सलाम

पिछले कुछ सालों में डिजिटल मार्केटिंग के कारोबार में अप्रत्याशित वृद्धि देखने मिली है आज हर छोटा-बड़ा ब्रांड अपने विज्ञापन के लिए ऑनलाइन वेबसाइट को ज्यादा से ज्यादा तवज्जों देना चाहता है इसका प्रमुख कारण युवाओं का टीवी एवं अखबारों की तुलना ऑनलाइन न्यूज़ पढ़ने-देखने की ओर बढ़ते झुकाव को माना जाता है वहीँ धीरे-धीरे मोबाइल के ज़रिये बाकी लोग भी ऑनलाइन कंटेंट पढ़ने में ज्यादा रूचि लेनी शुरू कर दी है मगर ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल के नाम पर जारी गोरखधंधे और किसी एक कट्टर विचारधारा को समर्पित कई न्यूज़ वेबसाइटों ने न्यू मीडिया के शैशवकाल में ही इसे विवादों में डाल दिया है आज हर देश में फर्जी ख़बरों का बोल-बाला है भारत भी इससे बचा नहीं है जहां रोज़ाना सैकड़ों न्यूज़ वेबसाइट अपने पाठकों को तटस्थ ख़बरें पहुँचाने की बजाए धड़ल्ले से प्लांटेड, फेब्रिकेटेड ख़बरें परोस रही है 
ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार कंपनी वोडाफ़ोन ने अपनी विज्ञापन नीति में एक साहसी एवं बड़ा बदलाव करते हुए येल्लो जर्नलिज्म कर नफरत फ़ैलाने वाली कंपनियों को ऑनलाइन विज्ञापन न देने का नया नियम बनाया है द टाइम्स की ताज़ा खबर के मुताबिक वोडाफोन इसके लिए एक वैश्विक नीति भी लाने वाला हैकंपनी के सी ई ओ विक्टोरिया कोलाओ के अनुसार “  हेट स्पीच और फेक न्यूज़ दो समुदायों के सम्मान एवं भरोसे को नुकसान पहुंचती है हम अपने ब्रांड को ऐसे अपमानजनक एवं हानिकारक प्रसार साधनों के जरिये अपने ब्रांड की बदनामी से बचना चाहते है
गौरतलब है की वोडाफ़ोन हर वर्ष तक़रीबन 75 करोड़ पाउंड विज्ञापन पर खर्च करता है अपनी नई विज्ञापन नीति के तहत वोडाफ़ोन एक वाइट लिस्ट जारी कर उन कंपनियों के नाम बताएगा जिनके साथ उनका ब्रांड प्रमोशन,विज्ञापन जारी रहेगा वोडाफ़ोन का ये कदम इसलिए भी काफी सरहानिय कहा जाना चाहिए क्योंकी गूगल, यूटियूब, फेसबुक जैसे स्वतंत्र एवं जैसी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ठ नीति नहीं बना पाए है अच्छा हो यदि बाकी बड़े ब्रांड्स भी इस तरह के कदम उठाकर नफरत के बढ़ते कारोबार पर एक ज़बरदस्त चोट पहुंचाएँ वोडाफ़ोन की इस पहल को दिल से सलाम!       
#हिंदी_ब्लोगिंग 

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कादर खान- मुफ़्लिसी से मस्खरी के उस्ताद तक का सफ़र !

81 साल की उम्र में बॉलीवुड के हास्य अभिनेता एवं हिंदी फिल्मों के जाने माने अभिनेता कादर खान का निधन (Kadar Khan Died) हो गया। भारतीय फिल्मों (Indian Movies) के ज़्यादातर दर्शक कादर खान को उनके कॉमेडी वाले रोल्स के लिए जानते हैं। मगर असल मायनों में कादर खान का शुरूआती जीवन कितना संघर्ष भरा और दुखदायी रहा उसकी जानकारी शायद ही किसी को हों। मेरे इस ख़ास ब्लॉग में पढ़िए कादर खान की जिंदगी से जुड़े कुछ सच्चे किस्सों को...
कादर खान का परिवार मूलतः काबुल का रहनेवाला था। वे वहींएक मुस्लिम परिवार मेंजन्मे थें। उनके वालदैन बेहद ग़रीब थे। एक तरह से कहें तो खाने के लाले थे। कादर खान से पहले उनके तीन भाई और थे जो सभी आठ साल के होते-होते मर गए। जब कादर खान पैदा हुए, तब उनकी माँ का अपनी पिछली औलादों की मौत का डर फिर से उन्हें परेशान करने लगा। उन्हें लगा कि ये जगह उनके बेटे के लिए सही नहीं हैं। वे बेहद डरी हुई थीं ” उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वे कहाँ जाए। बहरहाल वे वहाँ से अपने पति के साथ निकल पड़ी और पता नहीं कैसेवेआजके मुंबई पहुँच गए। अनजाना मुल्क, अनजान शहर। न कोई जान-पहचान वाला न ही पास में एक धेला।

कौन हूँ मैं ???

!! हर बार आँख खुलती तो सोचता हूँ कि कौन हूँ मैं , ध्यान से जब दर्पण देखा,परेशानियों से घिरा एक मानव हूँ मैं !!
!! दुःख में तकलीफ से जूझता हूँ मैं आंसू भी निकलते हैं तो पोंछ लेता हूँ मैं !!
!! लोगों ने कहा कि गुज़रा हुआ कल हूँ मैं, समय के साथ हमेशा झगड़ लेता हूँ मैं !!
!! न जाने कल क्या होगा ये सोचकर आदर-अनादर सब भूल जाता हूँ मैं !!
!! बाद में सोचकर पछताता हूँ मैं कभी मन में बैर नहीं रखता हूँ मैं!!
!! फिर भी लोग सोचते हैं कि कितना फ़ालतू हूँ मैं, हक़ीक़त मैं आखिर कौन हूँ मैं !!

!! भगवान को किनारे कर आगे बढ़ जाता हूँ मैं फिर सोचता हूँ कि ऐसा क्यों करता हूँ मैं !!
!! चाहत को भी अपनी पा न सका हूँ मैं उसके लौटने के इंतज़ार मैं बैठा हूँ मैं !!
!! आँख बंदकर विश्वास कर लेता हूँ मैं

! तू जब बिछड़ेगी !

!! तू जब बिछड़ेगी तो कयामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!
!! तेरी बातों को यादकर हसेंगे-रोयेंगे संग तेरे बिता हर लम्हा मेरी ताउम्र की दौलत होगी !!
!! रख लेना मुझे याद किसी बुरी याद की तरह फिर भी न कभी तुझसे कोई शिकायत होगी !!


!! लौट आने की तेरे दुआ हम रोज़ पढ़ेंगे न जाने किस घड़ी ख़ुदा की हमपर रहमत होगी !!
!! तेरी तस्वीरों से सजाऊंगा अपने घर की दीवारें हर घड़ी मेरे अंजुमन में तेरी ही महक होगी !!
!! तू जब बिछड़ेगी तो क़यामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!