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जानिये कहां से ले सालाना एडमिशन या स्कूल फीस के लिए मदद-




लोग अभी तक बच्चों की उच्च शिक्षा या विदेश में होने वाली शिक्षा के खर्च का भार वहन करने में असमर्थ रहे हैं किंतु देश में प्राथमिक स्तर की प्राइवेट स्कूलों या इंग्लिश मीडियम के स्कूलों में बच्चों के दाखिले भी आज मीड़ियम क्लास के लोगों की नींव थर्रा जा रही है। बेहिसाब फीस की मोटी रकम माँ-बाप अपने बच्चों के लिए जुगाड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में एक बड़ी चिंता का विषय है कि लोगों को उच्चस्तरीय शिक्षा हेतु बैंक लोन या आर्थिक सहायता मुहैया कराती है यह तो पता है परंतु कुछ लोग प्राथमिक/नर्सरी शिक्षा हेतु देने का प्रावधान कुद एक बैंकों में है। इसकी जानकारी की आम जनता को नहीं है; जिसकी वजह से वे बहुत चिंतित रहा करते हैं।

आइए हम आपको कुछ बैंकों के बैंक की बेवसाइट पर उपलब्ध है। जिसका आप देख कर और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा लोन पॉलिसी के बारे में विस्तृत जानकारी दे दें। जिससे आपको अगर भविष्य में आर्थिक मदद की जरूरत पड़े तो आप इसका उपयोग कर सकते हैं। इन बैंकों में हैं-

तमिलनाडु मर्केटाइल बैंक-

इसके अंतर्गत शार्ट टर्म स्टडी लोन के नाम से विद्यार्थियों की स्कूली शिक्षा के लिए स्कीम उपलब्ध है। जिसके अंतर्गत अधिकतम 25,000 रूपए या फिर अभिभावक की माह की ग्रॉस सैलरी  जो भी कम हो,  लोन के रूप में उपलब्ध है। इस  पर लगने वाली  सालाना ब्याज  दर 13.50 फीसदी है।

बैंक ऑफ़ बड़ौदा-

बैंक ऑफ़ बड़ौदा से विद्या स्कीम के आधार पर नर्सरी से 12 वीं तक की शिक्षा हेतु (एजुकेशनल लोन) का प्रावधान है। जिसके अंतर्गत आपको 4 लाख तक की वार्षिक सहायता प्रदान की जाती है। इस लोन की सबसे बड़ी फायदे की बात ये है कि ये लोन आपको  बिना किसी प्रकार के प्रोसेसिंग व डॉक्यूमेंटेशन चार्ज,  मार्जिन,  सिक्योरिटी  के प्राप्त हो जाता है। इसके अतिरिक्त बैंक ऑफ़ बड़ौदा  के विद्या स्कीम के  इस लोन के तहत छात्राओं के लिए दिए जाने वाले ऋण पर 0.50  प्रतिशत अतिरिक्त छूट की व्यवस्था है। इस लोन की अधिकतम जानकारी आप बैंक की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है।

इंडियन बैंक-

यह बैंक  आईबी बाल विद्या के नाम से एजुकेशनल लोन स्कीम चला रहा है। बैंक की बेवसाइट पर  उपलब्ध स्कीम की जानकारी के अनुसार बैंक नर्सरी से 12 वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के एडमिशन फीस,  किताबों, स्कूल ड्रेस, कम्प्यूटर फीस एवं  वाहन फीस आदि को लेकर वार्षिकी 30,000 रूपए प्रति परिवार को मदद करता है। यह लोन बैंक शासकीय सेवारत,  प्राइवेट या स्वयंसेवी कार्यरत व्यक्तियों को उपलब्ध कराता है। इस ऋण पर सालाना ब्याज दर 12.90 फीसदी है। इस लोन का लाभ लेने के लिए आपके पास इंडियन बैंक में कम से कम 3 साल पुराना खाता होना अनिवार्य शर्त है।

इलाहाबाद बैंक-

इलाहाबाद बैंक में ज्ञान दीपिका स्कीम  बच्चों की शिक्षा के लिए चलाई जाती है । इस स्कीम द्वारा बच्चों की स्कूल फीस के तौर पर आर्थिक मदद की जाती है। बैंक के बेवसाइट के अनुसार,  ज्ञान दीपिका स्कीम के तहत नर्सरी से लेकर 12 वीं कक्षा तक एडमिशन फीस,  परीक्षा फीस,  लाइब्रेरी फीस,   हॉस्टल चार्ज, किताबों, स्कूल ड्रेस का खर्च,  कम्प्यूटर  का खर्च आदि उपलब्ध करवाया जाता है। बैंक अपने लोन की अदायगी अभिभावक की कमाई के अनुसार वापस लेता है। इस लोन के तहत किसी भी बच्चे को अधिकतम 1 लाख एवं अधिकतम समय सीमा 3 वर्ष होती है। बात अगर इस लोन पर लगने वाली व्याज दर की करें तो  वह   सालाना 4.50 प्रतिशत है।

इन सभी बैंकों के अलावा भी ऐसे कई बैंक है जिनमें शायद आपका बैंक भी शामिल हो जहां इस प्रकार के लोन उपलब्ध हो सकते है। आप अपने बैंकों की वेबसाइट पर उनकी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

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कादर खान- मुफ़्लिसी से मस्खरी के उस्ताद तक का सफ़र !

81 साल की उम्र में बॉलीवुड के हास्य अभिनेता एवं हिंदी फिल्मों के जाने माने अभिनेता कादर खान का निधन (Kadar Khan Died) हो गया। भारतीय फिल्मों (Indian Movies) के ज़्यादातर दर्शक कादर खान को उनके कॉमेडी वाले रोल्स के लिए जानते हैं। मगर असल मायनों में कादर खान का शुरूआती जीवन कितना संघर्ष भरा और दुखदायी रहा उसकी जानकारी शायद ही किसी को हों। मेरे इस ख़ास ब्लॉग में पढ़िए कादर खान की जिंदगी से जुड़े कुछ सच्चे किस्सों को...
कादर खान का परिवार मूलतः काबुल का रहनेवाला था। वे वहींएक मुस्लिम परिवार मेंजन्मे थें। उनके वालदैन बेहद ग़रीब थे। एक तरह से कहें तो खाने के लाले थे। कादर खान से पहले उनके तीन भाई और थे जो सभी आठ साल के होते-होते मर गए। जब कादर खान पैदा हुए, तब उनकी माँ का अपनी पिछली औलादों की मौत का डर फिर से उन्हें परेशान करने लगा। उन्हें लगा कि ये जगह उनके बेटे के लिए सही नहीं हैं। वे बेहद डरी हुई थीं ” उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वे कहाँ जाए। बहरहाल वे वहाँ से अपने पति के साथ निकल पड़ी और पता नहीं कैसेवेआजके मुंबई पहुँच गए। अनजाना मुल्क, अनजान शहर। न कोई जान-पहचान वाला न ही पास में एक धेला।

कौन हूँ मैं ???

!! हर बार आँख खुलती तो सोचता हूँ कि कौन हूँ मैं , ध्यान से जब दर्पण देखा,परेशानियों से घिरा एक मानव हूँ मैं !!
!! दुःख में तकलीफ से जूझता हूँ मैं आंसू भी निकलते हैं तो पोंछ लेता हूँ मैं !!
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!! न जाने कल क्या होगा ये सोचकर आदर-अनादर सब भूल जाता हूँ मैं !!
!! बाद में सोचकर पछताता हूँ मैं कभी मन में बैर नहीं रखता हूँ मैं!!
!! फिर भी लोग सोचते हैं कि कितना फ़ालतू हूँ मैं, हक़ीक़त मैं आखिर कौन हूँ मैं !!

!! भगवान को किनारे कर आगे बढ़ जाता हूँ मैं फिर सोचता हूँ कि ऐसा क्यों करता हूँ मैं !!
!! चाहत को भी अपनी पा न सका हूँ मैं उसके लौटने के इंतज़ार मैं बैठा हूँ मैं !!
!! आँख बंदकर विश्वास कर लेता हूँ मैं

! तू जब बिछड़ेगी !

!! तू जब बिछड़ेगी तो कयामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!
!! तेरी बातों को यादकर हसेंगे-रोयेंगे संग तेरे बिता हर लम्हा मेरी ताउम्र की दौलत होगी !!
!! रख लेना मुझे याद किसी बुरी याद की तरह फिर भी न कभी तुझसे कोई शिकायत होगी !!


!! लौट आने की तेरे दुआ हम रोज़ पढ़ेंगे न जाने किस घड़ी ख़ुदा की हमपर रहमत होगी !!
!! तेरी तस्वीरों से सजाऊंगा अपने घर की दीवारें हर घड़ी मेरे अंजुमन में तेरी ही महक होगी !!
!! तू जब बिछड़ेगी तो क़यामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!