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! तू जब बिछड़ेगी !

!! तू जब बिछड़ेगी तो कयामत होगी कम  फ़िर  भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !! !! तेरी बातों को याद कर हसेंगे-रोयेंगे संग तेरे बिता हर लम्हा मेरी ताउम्र की दौलत होगी !! !! रख लेना मुझे याद किसी बुरी याद की तरह   फिर भी न कभी तुझसे कोई शिकायत होगी !! !! लौट आने की तेरे दुआ हम रोज़ पढ़ेंगे न जाने किस घड़ी ख़ुदा  की हमपर रहमत होगी !! !! तेरी तस्वीरों से सजाऊंगा अपने घर की दीवारें हर घड़ी मेरे अंजुमन में तेरी ही महक होगी !! !! तू जब बिछड़ेगी तो क़यामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!