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क्या हम ऐसा कुछ नहीं सोच सकते हैं ?


छोटा सा यूरोपियन देश लक्समबर्ग अपने शहरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सार्वजनिक यातायात सेवा को नि:शुल्क (Free Public Transports) करने वाला पहला देश बनाने जा रहा है। लक्समबर्ग में साल 2019 से सार्वजनिक परिवहनों की नि:शुल्क सेवा शुरू कर दी जाएगी।

विभिन्न मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी के जेवियर बेटेल के नेतृत्व में नई गठबंधन सरकार ने यह निर्णय अपने ग्रैंड डची के कार्यालय में लिया है। सरकार ने अगले साल गर्मियों में ट्रेनों, ट्राम और बसों पर टिकट और किराए को समाप्त करने का वादा किया है।


हालाँकि अभी भी वहाँ दो घंटे तक की यात्रा के लिए अधिक से अधिक € 2 का ही खर्च आता है। यानी कि देश में सार्वजनिक परिवहन (Fares for Public Transport) का किराए अभी भी उचित हैं। वहीं छोटे से देश में गाड़ियों की भीड़ को कम करने में और भी सहायता मिलेगी। साथ ही, ऐसी खबर भी हैं कि सरकार सार्वजनिक परिवहन (रेलयात्रा) के प्रथम श्रेणी के किराए को (€ 4) से घटाकर (€ 3) और पूरे दिन द्वितीय श्रेणी के टिकट की दर को भी कम कर सकती है।


आपको बता दें कि वहाँ का एक आम युवा अपने वार्षिक "एमपास" को खरीदने के लिए € 150 सालाना खर्च करता है। वहीं एक अनुमान के अनुसार, लक्समबर्ग की परिवहन व्यवस्था को संचालित करने में सालाना € 1 अरब (करोड़ मोटे तौर पर 8000 रुपये) का खर्च आता है। जबकि, लक्समबर्ग यातायात (Luxembourg Public Transport) द्वारा लगातार प्रमोशनल ऑफर से  औसतन किराया केवल € 30 की  लिए राशि के आस-पास का होता है।


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