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तो क्या डूब जाएगा गोवा की मौज-मस्ती का सूरज ?

ग़ोवा का नाम ज़हन में आते ही जो सबसे पहली तस्वीर हमारी आँखों के सामने उभरकर आती है वो है दूर तक पसरा समंदर, बियर की बोतलें और खुलम-खुल्ला मौज करते देसी, (Foreign Travelers) विदेशी सैलानी। मगर अब शायद आने वाले दिनों में आपको गोवा की ये तस्वीर इतिहास की बात लगे, क्योंकि राज्य सरकार ने गोवा की सूरत बदलने का मन बना लिया है। और शायद जल्द ही न आप वहाँ जाकर समंदर किनारे बियर पी पाएंगे और न ही किसी और तरह की धूम धड़ाके वाली पार्टियाँ कर पाएंगे।

      
दरअसल सरकार ने गोवा टूरिस्ट प्लेसेस (protection and management act 2001) में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।


अब गोवा में बीच पर बैठकर शराब पीना और खुले में खाना पकाना सैलानियों को महंगा पड़ेगा। इसके साथ ही खुले में कचरा फेंकना भी आपको मुश्किल में डाल सकता है। गोवा सरकार ने इन तीनों चीजों को अपराध की श्रेणी में शामिल कर लिया है। अगर अब आपने गोवा जाकर इन तीनों में से कुछ भी किया तो आप पर जुर्माना भी लगेगा और सरकार आपको जेल में भी डाल सकती है।

कितना जुर्माना लगेगा?


नए नियम के अनुसार अगर आप अकेले नए बनाए नियमों का उल्लंघन करते पकड़े गए तो आपको दो हजार रुपए जुर्माने के तौर पर देने होंगे। जबकि अगर दोस्तों/ग्रुप में पकड़े गए तो पूरे ग्रुप को दस हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।


हो सकती है तीन महीने की सज़ा भी-


सरकार के अनुसार ये नया निर्णय(Drinking in public) शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों की वजह से होने वाले हादसों को कम करने के लिए लिया गया है। राज्य के पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर ने बताया कि 29 जनवरी से शुरू हो रहे गोवा विधानसभा (Goa Assemble) सत्र के दौरान पर्यटन व्यापार अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खुले में शराब पीने वालों पर 10000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर कोई ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो उसे तीन महीने तक की सजा भी हो सकती है।

विदेशी सैलानी भी कर सकते हैं किनारा- 

भारत आने वाले विदेशी सैलानियों के लिए गोवा किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। हर साल लाखों की संख्या में विदेशी टूरिस्ट गोवा (Foreign Travelers in Goa) घूमने आते हैं और महीनों तक अपनी छुटियाँ वहीँ बिताते हैं। इसका एक मुख्य कारण उन्हें वहाँ मिलने वाला खुलापन है जिसके लिए वो देश के अन्य पर्यटक स्थलों की बजाए गोवा को प्राथमिकता देते हैं।


घट सकता है सरकार का राजस्व- 


हालांकि अभी इस बात का सरकार ने कोई अनुमान नहीं लगाया गया कि इससे गोवा के पर्यटन पर क्या असर पड़ेगा। इंडियन एक्सप्रेस की एक पुरानी ख़बर के अनुसार साल 2016 में गोवा में कुल 63.31 लाख सैलानी आए थे जिनमें 56.50 लाख भारतीय एवं 6.81 लाख विदेशी सैलानी शामिल थे। ऐसे में जब  गोवा राज्य के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा वहाँ के पर्यटन उद्योग (Travel Industry in Goa) से आता है। इसमें शराब, होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय की बड़ी भागेदारी होती है। ऐसे में सरकार किस प्रकार अपने नए निर्णय के द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई करेगी ये बात  देखने वाली होगी। 




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