सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गूगल ने इस ऐप की सेवा लेनी बंद कर दी है, आप भी बंदकर दीजिये!

ज़ूम ऐप नाम तो सुना ही होगा आपने! पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के कारण जब लोगों के कामकाज में दिक्कतें आने लगी। तोवर्क फ्रॉम होम या बाक़ी ऑनलाइन कामों के लिए दुनियाभर के लोगों ने एक दूसरे से जुड़ने के लिए ज़ूम ऐप का सहारा लेना शुरू कर दिया।
जिससे न ही सिर्फ़ इस ऐप के यूज़र्स/डाऊनलोड्स की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई। बल्कि ज़ूम ऐप बनाने वाली कंपनी के सीईओ एरिक युआन की कमाई में भी बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली। लेकिन अब इस ऐप को लेकर रोज़ाना जिस तरह के ख़ुलासे सामने आ रहे हैं वो डराने वाले हैंवो चौकाने वाले हैं साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञों के हिसाब से इस ऐप पर यूज़र का डाटा बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।


Insecure video calling app

यानी अगर आप इस ऐप को अपने मोबाइल फोन के ज़रिए इस्तेमाल में लाते हैं तो ये आपके मोबाइल फोन के डेटा की सेंधमारी कर सकता है। वहीं अगर आप इसे अपने लैपटॉप/डेस्कटॉप के ज़रिए इस्तेमाल में लाते हैं तो ये आपके लैपटॉप में मौजूद सारा डेटा उड़ाकर किसी भी हैकर तक पहुंचा सकता है। 
गूगल जैसी टेक विशेषज्ञ कंपनी भी न जाने कब इस असुरक्षित ऐप के जंजाल में फंस गई। लेकिन अब जब इस बात की पुष्टि हो गई है कि ये ऐप ऑनलाइन सुरक्षा के लिए बनाए गए मानकों के हिसाब से इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित नहीं है।
इसलिए गूगल ने अपने कर्मचारियों को इस ऐप का इस्तेमाल न करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। मालूम हो कि इस ऐप के विडियो कालिंग की सबसे बड़ी विशेषता आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के द्वारा एक साथ 100 यूज़र्स को जोड़कर विडियो कांफ्रेंस कॉल की सुविधा उपलब्ध करवाना है। जो किसी भी निजी कंपनी या सरकारी कामकाज से जुड़े लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। और जिस कारण इस ऐप का इस्तेमाल निजी और सरकारी क्षेत्रों में बड़ी तेजी से बढ़ गया है।


Online hacking

लेकिन अगर गौर इसके नकारात्मक पहलू पर किया जाए तो ये ऐप बड़ी ही आसानी से हैक किया जा सकता है। इसकी जांच कर रहे सायबर सिक्युरिटी के विशषज्ञों ने तो यहां तक दावा किया है कियूज़र द्वारा ऐप का इस्तेमाल कर की गई निजी विडियो कालिंग भी हैकरों द्वारा इंटरनेट पर डाली जा रही है।
वहीं एक ताज़ा मामले के अनुसार सिंगापुर की एक ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने वाली कंपनी में उस वक़्त हड़कंप मच गई जब जारी क्लासेज के दौरान इस ऐप को हैकर्स द्वारा अपने कब्ज़े में लेकर कंपनी के एकाउंट पर अश्लील तस्वीरें पोस्ट करनी शुरू कर दी।
ब्लीडिंग कंप्यूटर की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक अब तक हैकर्स द्वारा लाख यूज़र्स का डाटा डार्क वेब पर बेच दिया गया है। जबकि कई हैकर्स द्वारा इस तरह के डाटा को मुफ्त में भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। साइबर सिक्यूरिटी इंटेलिजेंस फर्म साईबल के दावे के मुताबिक इस बार ज़ूम ऐप ने लोगों के डेटा में सेंधमारी करने के लिए यूज़र्स क्रेडेंशियल स्टफिंग मेथड का इस्तेमाल किया है जिस मेथड का इस्तेमाल करके हैकर्स पहले हैक किये अकाउंट के क्रेडेंशियल के इस्तेमाल से यूज़र्स के एकाउंट्स को एक्सेस कर रहे हैं।


Online security

साईबल ने अपने बयान में ये भी कहा है कि उसने भी इस बात की पुष्टि करने के लिए ज़ूम ऐप से लाखों यूज़र्स के लॉग इन डिटेल्स ख़रीदे हैं लेकिन उसने ऐसा सिर्फ अपने दावे की पुष्टि के लिए ही किया है। एक अन्य टेक वेबसाइट मदरबोर्ड को दिए एक अपने एक इंटरव्यू में एक हैकर ने इस बात का खुलासा किया कि ज़ूम इस तरह जुटाए यूज़र डाटा को 5000 अमेरिकी डॉलर्स से 30000 अमेरिकी डॉलर्स तक के मूल्यों पर बेच रहा है।     
ज़ूम वीडियो कम्युनिकेशंस नामक इस कंपनी पर इसके एक बड़े शेयरधारक ने भी उत्तरी जिला कैलिफोर्निया यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया है। उसने कंपनी पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सेवाएं नहीं उपलब्ध करवाने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही उसने ये भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपनी सुरक्षा संबंधी कुछ खामियों को छिपाकर रखा है।
यूएस फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआईद्वारा यूज़र्स की गोपनीयता और सुरक्षा की कमी के कारण वीडियो मीट ऐप की सेवा को धीमा भी कर दिया गया है।


FBI

हालांकि ऐप बनाने वाली कंपनी ने सुरक्षा संबंधी अपनी कमियों को स्वीकार कर लिया है और अगले 90 दिनों में ऐप पर यूज़र्स की सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए ज़रूरी बदलाव करने का आश्वासन भी दे दिया है। लेकिन फिर भी इसके इस्तेमाल करने को लेकर सतर्कता बरतना यूज़र्स के हाथों में है।

क्या है विकल्प ?
ज़ूम ऐप द्वारा इस तरह अपने यूज़र्स के साथ धोखेबाज़ी की घटना ने जहाँ उसे बड़ी क्षति पहुंचाई है वही इसने कई और टेक कंपनियों को ज़ूम ऐप का विकल्प खोजने का अवसर भी दे दिया है इसी बात का फ़ायदा उठाते हुए फेसबुक से लेकर गूगल तक ने और टेलीग्राम ऐप से लेकर कई और दिग्गज़ टेक कंपनियों ने इसका विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार गूगल ने अपने ऐप गूगल मीट के सभी सेवाएँ हमेशा के लिए फ्री कर दी हैंजबकि वही फेसबुक ने भी एक ऐसा फीचर बिल्ड किया है जिसकी सहायता से अब एक साथ 50 लोग विडियो कॉल कर सकते हैं। एक भारतीय टेक कंपनी ने भी अपना ऐप लांच किया है जिसका नाम है सेनमस्ते जिसमें एक साथ 5 हज़ार लोग जुड़ सकते हैं टेलीग्राम ऐप भी ऐसा ही एक विडियो कालिंग फीचर अपने ऐप में जोड़ने वाला है   

टिप्पणियाँ

  1. तो हम इसे डिलीट कर दें? अगली मीटिंग मैसेंजर पर कर लेंगे .

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. जी मेरे विवेक से अगर इसका इस्तेमाल न करें तो ही बेहतर है।

      हटाएं
  2. ओह्ह्ह्हह्हह
    आज के जमाने में जितनी सुविधाएँ ,
    उनका वैसा ही दुरूपयोग भी होने लगा है !

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हंगामा क्यों है बरपा, पूछताछ ही तो की है ?

अर्णव   गोस्वामी के अलावा भी पूरे देश में ऐसे सैकड़ों पत्रकार हैं जो अपना काम बड़ी मेहनत और ईमानदारी से करते हैं। हाँ ये अलग बात है कि वो इतने रसूखदार नहीं हैं कि किसी नेता, मंत्री या राजनीतिक दल या देश की मीडिया ये मठाधीशों को उनकी चिंता हो। ताज़ा उदहारण के तौर पर याद कीजिये उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर के सामान्य से पत्रकार पवन जायसवाल को, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा इसलिए प्रताड़ित किया गया, उसपर मुकदमा कर दिया गया।   क्योंकि उसने अपनी एक ग्राउंड रिपोर्ट में मिडडे मील के नाम पर सरकारी स्कूल के बच्चों को नामक रोटी परोसने की घटना को उजागर किया था। न कि स्टूडियो में बैठकर कोरे आरोप लगाए थे। ऐसी स्पष्ट और साहसिक पत्रकारिकता करने वाले मीडियाकर्मी के लिए क्या किसी बड़े पत्रकार ने, मीडिया के मठाधीश ने इंसाफ दिलाने के लिए कोई पहल की ?         ऐसे में अर्णव गोस्वामी का पक्ष लेने वाले पत्रकारों, नेताओं आदि को ये याद रखना चाहिए कि, अर्णव पूरे भारतीय मीडिया या भारतीय पत्रकारों का प्रतिनिधि नहीं है। साथ ही वर्तमान में वो एक बड़े मीडिया हाउस के मालिक भी हैं इसलिए इस बात से कतई इंकार नहीं किया ज

यो छोरियां के छोरों से कम सै?

                           !! गर देखना है मेरी उड़ान को तो जरा और ऊँचा करलो आसमान को !! भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने एक दिवसीय क्रिकेट मैच की दुनिया में पुराने सभी रिकार्ड्स को ध्वस्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया । मगर जिस देश में क्रिकेट को धर्म माना जाता है वहां क्रिकेट के पुजारी , पंडे , भक्तों में मुझे वैसा उत्साह , वैसी ख़ुशी खोजे नहीं मिल रही जैसी हमारे पुरुष क्रिकेट के खिलाड़ी देवताओं के प्रति देखने को मिलती है । क्या कारण हो सकता है इस भेद-भाव का , ऐसी अनदेखी , सुस्ती का ? शायद महिला क्रिकेट से होने वाली कमाई इसका स्टारडम ही एक मुख्य वजह है कि ज़्यादातर क्रिकेट प्रेमी जो किसी भी मैच के लिए ऑफिस-कॉलेज नागा कर लेते है , अपने व्यापार की हानि बर्दाश्त कर लेते है, ब्लैक में भी टिकट्स खरीद लेते है और रात-रात भर स्टेडियम के बाहर लाइन में एक अदद टिकट के लिए पागलों की तरह खड़े रहते है उन्हें महिला क्रिकेट में या यू कहें कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को छोड़कर किसी भी अन्य खेल में वो चमक नहीं दिखती जिसके वो दीवाने है । फिर बात भले महिला क्रिकेट की