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Showing posts with the label गज़ले/कविताएँ

! तू जब बिछड़ेगी !

!! तू जब बिछड़ेगी तो कयामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!
!! तेरी बातों को यादकर हसेंगे-रोयेंगे संग तेरे बिता हर लम्हा मेरी ताउम्र की दौलत होगी !!
!! रख लेना मुझे याद किसी बुरी याद की तरह फिर भी न कभी तुझसे कोई शिकायत होगी !!


!! लौट आने की तेरे दुआ हम रोज़ पढ़ेंगे न जाने किस घड़ी ख़ुदा की हमपर रहमत होगी !!
!! तेरी तस्वीरों से सजाऊंगा अपने घर की दीवारें हर घड़ी मेरे अंजुमन में तेरी ही महक होगी !!
!! तू जब बिछड़ेगी तो क़यामत होगी कम फ़िर भी न किसी क़ीमत पर मेरी चाहता होगी !!

कौन हूँ मैं ???

!! हर बार आँख खुलती तो सोचता हूँ कि कौन हूँ मैं , ध्यान से जब दर्पण देखा,परेशानियों से घिरा एक मानव हूँ मैं !!
!! दुःख में तकलीफ से जूझता हूँ मैं आंसू भी निकलते हैं तो पोंछ लेता हूँ मैं !!
!! लोगों ने कहा कि गुज़रा हुआ कल हूँ मैं, समय के साथ हमेशा झगड़ लेता हूँ मैं !!
!! न जाने कल क्या होगा ये सोचकर आदर-अनादर सब भूल जाता हूँ मैं !!
!! बाद में सोचकर पछताता हूँ मैं कभी मन में बैर नहीं रखता हूँ मैं!!
!! फिर भी लोग सोचते हैं कि कितना फ़ालतू हूँ मैं, हक़ीक़त मैं आखिर कौन हूँ मैं !!

!! भगवान को किनारे कर आगे बढ़ जाता हूँ मैं फिर सोचता हूँ कि ऐसा क्यों करता हूँ मैं !!
!! चाहत को भी अपनी पा न सका हूँ मैं उसके लौटने के इंतज़ार मैं बैठा हूँ मैं !!
!! आँख बंदकर विश्वास कर लेता हूँ मैं

बुरा साल बीत गया

!! बहुतसीखाकर,बहुतसमझाकर
बुरा साल बीत गया !!
!! तेरा मेरासाथ छुड़ा कर बुरा साल बीत गया !!
!! अपने-पराये की पहचान करा कर बुरा साल बीत गया !!
!! रिश्तो की नई परिभाषा बता कर बुरा साल बीत गया !!
!! दुनियादारी के नये उसूलसीखा कर बुरा साल बीत गया !!
!!  बड़ा तडप़ा कर, बड़ा रुला कर बुरा साल बीत गया !! !! बड़ा थका कर, मुझे हरा कर बुरा साल बीत गया !!
!! मृत्यु से मेरा साक्षात्कार करा कर बुरा साल बीत गया !! !! अनुभव का नया पाठ पढ़ा कर

मेरे बारे में

!! मेरे बारे में कोई तो राय उनकी भी होगी उसने भी कभी मोहब्बत की तो होगी !!
!! नहीं चाहते हम इम्तेहाँ और इश्क़ में इम्तहाँ ए इश्क़ में गलतियाँ हमने की तो होंगी !!
!! रूठ कर यूँ ही नहीं चला जाता है अपना कोई रूठने की इजाज़त उसने हमसे माँगी तो होगी !!

!! हर कोई दोस्त रहता नहीं बुरे वक़्त में लेकिन दोस्ती बुरे वक़्त की सभी से होती तो होगी !!
!! समझ न पाऐ हम ज़िन्दगी की शर्तों को ज़िन्दगी ने हमसे कोई ख़्वाहिश की तो होगी !!
!! मुकर जाना करके वादे निभाने के सियासतदानों से उसकी पहचान पुरानी होगी !! 


बारिश ही तो है !!!!

बारिश ही तो है, भागिए मत, कोई छत मत खोजिए, साथ लाए छाते को बंद भी कर दिया कीजिए कभी–कभी। किस बात का डर है? भीग ही न जाएँगे, तो क्या हुआ नमक थोड़ी है जो गल जाएँगे, पिघल जाएँगे। और फिर जब इस बरसात के बाद सूरज सो कर उठेगा तो सूखा ही देगा आपके कपड़े। तेज़ाब नहीं बरस रहा है मज़ा लीजिए मौसम का ..............

आपकी 999 वाली ब्रांडेड टी शर्ट भी सूख जाएगी और बरसात में उसका ब्रांड भी धूलकर कही छिप नहीं जाएगा। बस अपने स्मार्ट फोने को जरा संभाल के पोलीथिन में रख लीजिए, आज-कल सारे रिश्ते इस में ही तो क़ैद है।


उधर देखिए दूर तक सड़क साफ़ है कोई नहीं आएगा.....इत्मीनान से खड़े हो जाइये बीच सड़क में... वो देखिए पोल लाइट की सुनहरी रौशनी में नाचती बरसात की बूंदों को...........कितनी खुश है आपसे मिलकर, आपके स्पर्श को पाकर, आप नहीं है उनसे मिलकर? 

अरे थोडा धीमा चलिए, जल्दी-जल्दी चलने से क्या बदल जाएगा, ह्म्म्म....!!! ये मौसम बदलाव का मौसम है। हमारे मन का, हमारी कल्पनाओं का, दिमाग से दिल कीतरफ बढ़ने का, थोड़ी भूली सी शरारत एक बार फिर से करने का।

बहुत बुरा लगता है

बेसबब यूँ मुझे अच्छा न कहा करो थोड़ी कोफ़्त सी होती है, बहुत बुरा लगता है !!
!! इस बेमतलब के रिश्ते का मतलब हम समझते है कायनात में हर शख्स मुझे इससे डरा सा लगता है !!
!! तलाश रहा हूँ मैं उस इंसा को, कि जो जिंदा हो ज़िन्दगी के नाम पे यहाँ हर कोई मरा सा लगता है!!
!! समझ कर अपना जिससे भी djyh दोस्तीहमने हर वो शख्स मुझे अब इक xyr QSlyk lk yxrk gS !!
!! jkst feyrsgSहम ऐसे vatkuksa ls  मुलाकातों का ये सिलसिला मुझे इक सौदा सा लगता है !!
!! जाने क्या रिश्ताहै तेरा-मेरा अनजाना सा यकीं कर तू मेरा मुझे इसका नाम दुआ सा लगता है !!  

तुम कोई प्यार भरी ग़ज़ल तो नहीं !

न तुमसे कुछ पाना चाहता हूँ यूँ ही बस आज़माना चाहता हूँ! तुम कोई प्यार भरी ग़ज़ल तो नहीं जाने क्यों गुनगुनाना चाहता हूँ!
न तुमसे कुछ पाना चाहता हूँ यूँ ही बस आज़माना चाहता हूँ! बिन तेरे कामिल नहीं ज़िन्दगी मेरी संग तेरे इसका मुकम्मल ठिकाना चाहता हूँ!

न तुमसे कुछ पाना चाहता हूँ यूँ ही बस आज़माना चाहता हूँ! भटक रही है तन्हां रूह मेरी तनहाइयाँ से रिश्ता मिटाना चाहता हूँ!
न तुमसे कुछ पाना चाहता हूँ यूँ ही बस आज़मान चाहता हूँ! होंगे हजारों तेरी खुशियों के हमसफ़र ग़मों को तेरे अपना बनाना चाहता हूँ!

न तुमसे कुछ पाना चाहता हूँ यूँ ही बस आज़मान चाहता हूँ! तुमको पाने की तमन्ना तो है

पहले खुद को पाना चाहता हूँ!

#हिंदी_ब्लोगिंग

भूला नहीं हूँ मैं, याद हैं मुझे

भूला  नहीं  हूँ  मैं,  याद  हैं  मुझे शिकायत  करती  तुम्हारी  आँखें








भूला  नहीं  हूँ  मैं,  याद  है  मुझे माथे  पे  चमकता  वो  चाँद  का अक्स
भूला  नहीं  हूँ  मैं,  याद  हैं मुझे गुलाबी  गालों  संग  खेलती  काली  लटें
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे होठों पे  चमकती  शबनम
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे उम्र  से  लम्बी  ज़ुल्फों  की दास्ताँ
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे शोर  मचाती  चूड़ियों  का  संगीत
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे हथेली  पे  बना  मेहँदी  का  गुलाब
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे पल-पल  गाती  पायल  का  गीत
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे बातों  से  झड़ते  फूलों  की  ख़ुशबू
भूला  नहीं  हूँ  मैं, याद  है  मुझे

कोशिश

कोशिश कर रहा हूँ मैं तुम्हे भूलने की। जीवन शून्य को भरने की उत्पन्न हुआ है जो तुम्हारे चले जाने से।

कोशिश कर रहा हूँ मैं आगे बढ़ने की। उन स्मृतियों को मिटानें की निर्मित हुई थी जो हमारे मिलन से।
कोशिश कर रहा हूँ मैं कुछ नया तलाशने की। मुझमें बसी तुमको मुझसे अलग करने की बस गई थी जो बिन कहे मेरी हर सांस में।
कोशिश कर रहा हूँ मैं टूटे दिल को जोड़ने की। बिखर गया था जो अनगिनत टुकड़ों में तुम्हारे इनकार के बाद।


कोशिश कर रहा हूँ मैं, अकेले खुश रहने की, अपनी हर पीड़ा को छिपाने की प्रकट हो जाती जो तुम्हारें स्मरण मात्र से।

#हिंदी_ब्लोगिंग