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क्या थीं इन अपराधियों की अंतिम इच्छा, यहाँ पढ़ें!

भारत सहित दुनिया के कई देशों में फांसी की सज़ा का प्रावधान आज भी मौजूद है। हालाँकि भारत में फांसी की सज़ा'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' अपराध की श्रेणी में आने वाले अपराधियों को ही दी जाती है। इस कठोर सज़ा के एक बार पक्के हो जाने के बाद ऐसी कई प्रक्रियाएँ होती हैं जिनसे जेल मेन्युअल के तहत हर मुज़रिम को गुज़ारना पड़ता है। ऐसी ही एक ख़ास प्रक्रिया होती है मुज़रिम की अंतिम इच्छा जानने की। जिसे जेल मेन्युअल के तहत मानवीय आधार पर हर मरने वाले से पूछा जाता है और फिर अधिकारी उस पर निर्णय लेते हैं कि क्या अपराधी की अंतिम इच्छा को पूरा किया जा सकता है या नहीं?


ऐसे में जब साल2020की शुरुआत में निर्भया के चार दोषियों को एक साथ फांसी की सज़ा दी जाने वाली है तो ये प्रक्रिया उनके साथ भी अपनाई जाएगी। हालाँकि अभीतक निर्भया के दोषियों से जुड़ी इस प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी मीडिया में नहीं आयी है। लेकिन इसी बीच दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मृत्युदंड कुछ मुजरिमों ने अपनी कौन-सी ख्वाहिश अंतिम इच्छा के तौर पर ज़ाहिर की थी आइये उनके बारे में जानें।
माइकल नेय- नेपोलियन की सेना के इस बहादुर कमांडर ने अपनी मौत से पह…

आख़िर क्या है "नेशनल हेराल्ड" केस, आसान शब्दों में जानिए ?

देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू ने 1930 में#नेशनल हेराल्ड नामक अखबार शुरू किया। धीरे-धीरे इस अखबार ने 5000/- करोड़ की संपत्ति अर्जित कर ली। सन् 2000 में यह अखबार अचानक घाटे में चला गया और इस पर 90 करोड़ का कर्जा भी हो गया।“नेशनल हेराल्ड" (National Herald) की तत्कालीन डायरेक्टर्स, सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, सैम पित्रोदा और मोतीलाल वोरा ने, इस अखबार को यंग इंडिया (Young India Ltd) लिमिटेड नामक कंपनी को बेचने का निर्णय लिया।

किसकी कंपनी है यंग इंडिया ? पांच लाख रुपये से शुरू हुई यंग इंडिया कंपनी के बारे में मज़े की बात ये है किइसमें सोनिया और राहुल गाँधी की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी कांग्रेस नेतामोतीलाल वोरा औरऑस्कर फर्नांडिस के पास है।
डील यह तय हुए थी कि यंग इंडिया, नेशनल हेराल्ड के 90 करोड़ के कर्ज़ को चुकाएगी और बदले में 5000 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति यंग इंडिया को मिलेगी।इस डील को फाइनल करने के लिए मोती लाल वोरा ने "तत्काल" मोतीलाल वोरा से बात की, क्योंकि वह अकेले ही, दोनों ही कंपनियों के डायरेक्टर्स थे।
अब यहाँ एक और नया मोड़ आया। वो ये कि 90…

धर्म या तो इंसान को अंधविश्वासी बनाता है या फिर आतंकवादी!

ये एक शवयात्रा का दृश्य है। जैन मुनी तरुण सागर की शवयात्रा। कहते हैं कि जैन धर्म की मूल जड़ सनातन धर्म से ही जुड़ी हुई है। इसका उदय  भी सिख पंथ की तरह हिन्दू धर्म के आडंबरों से मुक्ति पाने के लिए हुआ था।


मगर क्या इस तस्वीर में शवयात्रा का ये तरीका किसी घोर धार्मिक आडंबर से कम है? क्या समय के साथ सभी धर्मों को देश-दुनिया के सामाजिक परिवर्तन के साथ ख़ुद को     इतना भी अपडेट नहीं करना चाहिए कि उनके गुरु की अंतिम यात्रा थोड़ी  सम्मानजनक तरीक़े से निकाल पाए?

क्यों हर धर्म और उसके अनुयायी पढ़ने-लिखने के बावजूद आज भी लकीर के फ़क़ीर बने फिरते हैं? क्यों हर धर्म समुदाय के ठेकेदारों ने समय के साथ उसी नई व्यवस्थाओं को स्वीकार किया जो उनके अनुकूल थी और बाकी के बदलावों  को हराम और हलाल, धार्मिक और अधार्मिक कृत्य में वर्गीकृत कर दिया?


क्या ये अपने आप में धर्म के नाम पर धर्म के साथ किसी छलावे से कम है कि आज भी मौलाना फ़तवे जारी कर मुसलमानों को ये बताते हैं कि इंश्योरेंस पॉलिसी न बनवाएं ये इस्लाम में हराम है।
क्यों आज भी जीवहत्या को धार्मिक आधार पर सही और गलत बताया जाता है। जो हिन्दू धर्मलम्बी गौ हत्या को पाप बता…

जानिये कहां से ले सालाना एडमिशन या स्कूल फीस के लिए मदद-

लोग अभी तक बच्चों की उच्च शिक्षा या विदेश में होने वाली शिक्षा के खर्च का भार वहन करने में असमर्थ रहे हैं किंतु देश में प्राथमिक स्तर की प्राइवेट स्कूलों या इंग्लिश मीडियम के स्कूलों में बच्चों के दाखिले भी आज मीड़ियम क्लास के लोगों की नींव थर्रा जा रही है। बेहिसाब फीस की मोटी रकम माँ-बाप अपने बच्चों के लिए जुगाड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में एक बड़ी चिंता का विषय है कि लोगों को उच्चस्तरीय शिक्षा हेतु बैंक लोन या आर्थिक सहायता मुहैया कराती है यह तो पता है परंतु कुछ लोग प्राथमिक/नर्सरी शिक्षा हेतु देने का प्रावधान कुद एक बैंकों में है। इसकी जानकारी की आम जनता को नहीं है; जिसकी वजह से वे बहुत चिंतित रहा करते हैं।
आइए हम आपको कुछ बैंकों के बैंक की बेवसाइट पर उपलब्ध है। जिसका आप देख कर और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा लोन पॉलिसी के बारे में विस्तृत जानकारी दे दें। जिससे आपको अगर भविष्य में आर्थिक मदद की जरूरत पड़े तो आप इसका उपयोग कर सकते हैं। इन बैंकों में हैं-
तमिलनाडु मर्केटाइल बैंक-
इसके अंतर्गत शार्टटर्म स्टडी लोन के नाम से विद्यार्थियों की स्कूली शिक्षा के लिए स्कीम उपलब्ध है। जि…